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Monday, 21 October 2019

कॉमिक्स जगत के मशीनी चरित्र या रोबोट

कमिंग सून इस टॉपिक पर पोस्ट 
आज हम बातचीत करेंगे कॉमिक्स जगत में दिखाए गए मशीनी चरित्र या रोबोट कहने वाले किरदारों की ,जिसमे प्रमुख है तुलसी कॉमिक्स का जम्बू ,राधा कॉमिक्स का शक्तिपुत्र ,राज कॉमिक्स का इंस्पेक्टर स्टील,मनोज कॉमिक्स का चार्ली,राज कॉमिक्स में  जासूस टोपीचंद का कुत्ता पिंटू ,मनोज कॉमिक्स का इन्दर ,मनोज कॉमिक्स में क्रूक्बोंद की कार का रोबोट मिस्टर होल्डॉल ,राज कॉमिक्स में विनाशदूत का घोडा चेतक,परमाणु के गुरु का मशीनी प्रारूप प्रोबॉट ,राज कॉमिक्स में सुपर कमांडो ध्रुव का दुश्मन ग्रैंड मास्टर रोबो 


Sunday, 20 October 2019

Friday, 6 September 2019

राज कॉमिक्स चरित्र -कद की लम्बाई और शरीर का वजन


Bheriya-8' 2"   140kg (told in Ladake)
Inspector Steel-7'  450kg
Himraj-6' 6"  160kg
Atikroor-6' 6"  100kg
Doga/Sooraj-6' 6" (told in Do Faulad)
Sugandha-6' 5"  47kg
Yoddha-6' 4"   96kg
Nagraj/Raj-6' 2"  89kg
Parmanu/Inspector Vinay-6' 1" (told in Buddhipalat) /6' 4" (told in Takkar) 85.5 kg
Tiranga/Abhay Deshpandey-6'  80/89kg
Bhokal-6'  80kg
Blind Death/Ajeet-6'   79kg
Saudangi-5' 11"   60kg
Anthony-5' 10"   78kg
Super Commando Dhruv-5' 10"   70.6kg
Inspector Itihas-5' 9"   75kg
Julie-5' 8"   55kg
Shutan-5' 7"   70.5kg
Shakti-5' 7"  50kg
Lomdi/Monika-5' 7"   48kg
Roopasi-5' 6"  50kg
Mr. Rasayan/Rupesh-5' 5" 40kg

Saturday, 15 June 2019

हिंदी कॉमिक्स ज्ञान (भाग- 4 डायमंड कॉमिक्स सुपर विशेषांक )

धन्यवाद् कॉमिक्स बाबा को,जिसने मुझे सर्वप्रथम इस सुपर विशेषांक को मेरे लिए भेजा।

Monday, 6 May 2019

कॉमिक्स की कालाबाजारी (Blackmarkting)


दोस्तों,आज का टॉपिक है,कॉमिक्स की कालाबाजारी का,वास्तव में कालाबाजारी होती क्या है,इसको समझने का प्रयास करें।
जब बाजार में किसी वस्तु की कम मात्रा होती है,और वो हमें लेनी ही तो,तो दुकानदार उस वस्तु को अपने मनपसंद दाम पर बेचते है,जबकि उसका रेट बहुत कम होता है।लेकिन हम फिर भी किसी का दबाव के वो वस्तु खरीद लेते है, इसी को कालाबाजारी कहते है।या आसान शब्दों में कहे कि जब कुछ वस्तु एक दुकानदार के पास होती है,और वो अपने दामो पर उसको विक्रय करे,और हम बगैर माप तोल के उससे ले लें।यही blackmarkting होती है।
इसी प्रकार आज के टाइम में कॉमिक्स के साथ भी यही हाल है,कुछ लोग कॉमिक्स के आगे rare लगाकर उसके प्रिंट रेट से 50 से 100 गुणा में बेच देते है,और खरीदने वाले भी खुशी खुशी उसको खरीद लेते है,जिससे बेचने वालो का हौसला बढ़ता है।और वो कुछ कॉमिक्स को रिप्रिंट करवा लेते है,और उनको भी rare कहकर बेच देते है।
मैंने कई फेसबुक ग्रुप पर rare k नाम पर काफी ग्रुप देखे है,जिनमें 32 पेज वाली कॉमिक्स को 400 से 600 में बेचा जाता है,जिसमें मनोज,तुलसी, पिटारा और कुछ पब्लिकेशन शामिल है,और डाइजेस्ट कॉमिक्स के प्राइस 1000 तक लिए जाते है।और कुछ का दाम  3000 तक पहुंचा दिया जाता है,जिसमें इंद्रजाल और डायमंड पब्लिकेशन शामिल है,और कई भाई इनको खरीद भी लेते है,यह एक हास्य पद स्तिथि होती है।मेरे ख्याल से यह कॉमिक्स जुनून नहीं,मूर्खता होती है।
कॉमिक्स खरीदे जरूर,लेकिन कालाबाजारी को बढ़ावा ना देकर।
कुछ भाई रनिंग पब्लिकेशन की कॉमिक्स नहीं खरीदते,क्योँकि  वो इनको रेयर नहीं समझते ,और कुछ सालो में यही कॉमिक्स रेयर की कैटागिरी में आ जाती है,तब वो भाई रेयर क नाम पर इस कॉमिक्स का प्राइस १० से २० गुना देने के लिए तैयार हो जाते है'