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Friday, 17 June 2022

सुजीत शर्मा की कलम से

 भारतवर्ष के कुछ बेहतरीन कॉमिक आर्टिस्ट्स ( मेरी जानकारी के अनुसार ) जिसने हमारे जीवन को अपने सुंदर आर्ट से ख़ुशियों से भर दिया. सभी आर्टिस्ट आदरणीय है ! सभी का एक अपना स्टाइल होता है. हर आर्टिस्ट अपना बेस्ट देने का प्रयास करते है. आर्ट एक ऐसा फ़ील्ड है जहां सुधार की गुंजाइश हमेशा होती है. 

1 . स्वर्गीय प्रताप मुलिक- बचपन में मुलिक़ सर का आर्ट मेरा फ़ेवरेट था. आज भी वो मेरे जैसे अनेक आर्टिस्ट के प्रेरणा स्रोत है. नागराज एक सुपर हीरो जो आज भारत का सर्वाधिक लोकप्रिय सुपर हीरो है, उसको जीवन देने वाले मुलिक़ सर ही थे. उनका आर्ट में यूनिवर्सल अपील थी. सच कहूँ तो उनका आर्ट हर सुपर हीरो पर फ़िट लगता था. करेक्ट एंड बहुत ही इफ़ेक्टिव. उनके बनाए कवर आर्ट एकदम मूवी पोस्टर की तरह लगता था. ख़ूनी खोज, नागराज और बेम-बेम बेग़िलो, मिस्टर 420, कोबरा घाटी, बच्चों के दुश्मन आदि सब के कवर एक से बढ़कर एक थे. नागराज की मोहिनी सूरत और बलिष्ठ शरीर का सृजन उनके ही बस की बात थी. जब मैं नागराज की कॉमिक्स को बचपन में देखता था तो घंटो निहारता ही रह जाता था. ऐसा लगता था की नागराज जीवंत-सा,बोलता-सा, अभी पेज से बाहर निकल आएगा. अगर आपको याद हो तो नागराज की हर कॉमिक्स में मुलिक सर का एक चित्र दिख़ जाता था. बचपन में सोचता था की जब बड़ा होऊँगा तो मुलिक सर से ज़रूर मिलूँगा और पूछूँगा की आपके चित्र इतना जीवंत कैसे लगते है ! उनसे आर्ट सीखूँगा ! लेकिन यह सपना मन में ही रह गया. मैंने उनके नागराज को देखकर नागराज की ख़ूब सारी पेंटिंग्स बनाया करता था. 

2. मनु - मनु मेरे दूसरे सबसे फ़ेवरेट आर्टिस्ट रहे है. उनके बनाए डोगा के कॉमिक्स बेहद शानदार रहे है. उनकी आर्ट एकदम स्पस्ट होती है. उनके बनाए चेहरे एक दूसरे से अलग और आसानी से पहचान लिए जाने वाले होते है. 

3. दिलीप कदम - अमर चित्र कथा और भोकल के लोकप्रियता में इनके बनाये चित्रों का भी बहुत बड़ा योगदान है. इनका आर्ट सबसे हटकर होता है. पुराने राजा-रानी की कहानियों पर इनके चित्र ख़ूब सुंदर लगते है

4. अनुपम सिन्हा - शुरुआत में इनकी आर्ट मुझे पसंद नहीं आती थी. चेहरा बड़ा और शरीर छोटा लगता था. इनके आर्ट में हर कोई मस्क्युलर ही दिखता था. पर समय के साथ इनके आर्ट में कमाल का सुधार हुआ. सुपर कमांडों ध्रुव की लोकप्रियता में इनके बनाए चित्रों का ही योगदान है. 

5. स्वर्गीय धीरज वर्मा - भेड़िया आज सबका चहेता सुपर हीरो है तो उसका श्रेय धीरज सर को है. भेड़िया की ख़ूँख़ारता और जंगल के ख़ूबसूरत दृश्य को धीरज सर बखूबी बनाते थे. उनकी बनायी काइगुला, मौत मेरे अंदर, कोबी और भेड़िया, जंगलिस्तान, आधे इंसान आदि की आर्ट कभी नहीं भूली जा सकती है. 

6. हेमंत कुमार - वर्तमान में हेमंत सर मेरे सबसे फ़ेवरेट है. हेमंत सर की आर्ट मुझे बहुत ज्यादा पसंद है क्योंकि

- वो एकदम डायनामिक और पेस से भागती कहानी के अनुसार चित्रांकन करते है.

- बॉडी का प्रोपोर्शनल एकदम परफेक्ट रहता है. ख़ासकर मकबरा कॉमिक्स

के बाद तो वो एक के बाद एक कॉमिक्स में अपनी आर्ट में सुधार करते जा रहे है.

- पिछले कुछ कॉमिक्स से वो फेस बहुत खूबसूरत बना रहे है.

- उनके आर्ट में हर किसी को मस्कुलर नही दिखाया जाता बल्कि करैक्टर के हिसाब से बॉडी होती है.

- मुझे लगता है कि नितिन सर की जबरदस्त कहानियों के साथ हेमंत सर गज़ब का न्याय करते है जो शायद ही कोई दूसरा कर पाये.

- हेमंत सर की आर्ट पुराने जैसे फ्लैट ना होकर 3D फील देती है.

7. दिलदीप सिंह - इनका आर्ट दिन ब दिन बेहद खूबसूरत होता जा रहा है. मनु सर के बाद डोगा को दिलदीप सर ने ही जीवन दिया है. 

8. आदिल खान - अनुपम सर की तरह आदिल सर भी चेहरा बहुत ख़ूबसूरत बनाते है. प्रलय का देवता सिरीज़ से इनका आर्ट एक अलग ही लेवल पर है !

9. ललित शर्मा - आतंक़हर्ता सिरीज़ में नागराज का खूबसूरत ऐक्शन पोज़ और कमाल के फ़ाइट सीक्वन्स देखते ही बनते है. उम्मीद है आगे ललित सर का और भी काम देखने को मिलें.

10. ललित सिंह - इनका काम मैंने गुरु भोकल में देखा था. इनका आर्ट तो एकदम सजीव लगता है. बहुत ख़ुशी है कि एक लम्बे अंतराल के बाद वो अपनी कला की छँटा बिखेरने ‘मृत्युरथी’ से वापसी कर रहे है.

Friday, 22 April 2022

हैप्पी बर्थडे ध्रुव

 ध्रुव के जन्मदिन पर विशेष

सुपर कमांडो ध्रुव हमेशा से एक ऐसा किरदार रहा है जो लोगों को प्रेरित करता है। एक ऐसा किरदार जिसमें न कोई दैवीय शक्तियाँ हैं न विज्ञान प्रदत क्षमताएं। वह हमेशा से अपनी सूझबूझ, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से आने वाले खतरों का मुक़ाबला करता है। एक ऐसा हीरो जो अपने पास किसी तरह का हथियार नहीं रखता। जो आसपास की उपलब्ध चीजों को ही हथियार की तरह इस्तेमाल कर लेता है। इसके बावजूद भी वह कभी किसी अपराधी की जान नहीं लेता।

ध्रुव की यही विशेषताएँ एक आम पाठक को उसकी ओर आकर्षित करता है। पाठक उससे जुड़ाव महसूस करता है और सोचता है कि अगर ध्रुव ये कर सकता है तो वो भी कर सकता है। ध्रुव की इन्हीं विशेषताओं ने मुझे भी उसकी ओर आकर्षित किया है।

वैसे तो ध्रुव की हर गाथा उसका हर कारनामा प्रेरणा का स्त्रोत ही है। परंतु मुझे जो ध्रुव की कहानियों में सबसे ज्यादा आकर्षित करता है वह है उसकी कमांडो फोर्स का गठन।

आमतौर पर एक सुपरहीरो या क्राइम फाइटर अपनी लड़ाई अकेला लड़ना पसंद करता है। या फिर उसके कुछ खास दोस्त या सहयोगी होते हैं जो अपराध के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनका साथ देते हैं। पर ध्रुव इस मामले में उन सबसे अलग है।

हर हीरो की तरह ध्रुव के अपराध उन्मूलन अभियान में उसके कुछ खास दोस्त और सहयोगी भी होते हैं पर ध्रुव की असली ताकत है आम नागरिकों को अपने अभियान का हिस्सा बनाना। और ये वो करता है अपनी कमांडो फोर्स की मदद से। जिसके दरवाजे हर उस नागरिक के लिए खुले हैं जिसके अंदर अपने शहर अपने समाज की सुरक्षा करने का जज्बा है।

हीरो सिर्फ वही नहीं होता है जो अपराधियों को रोके। हीरो वह भी होता है जो अपने समाज को अपराधियों के सामने डट कर खड़ा रहना सिखा दे। और यही ये चीज ध्रुव को बाकी हीरो से अलग करती है।

आप सबकी इस बारे में क्या राय है ये जरूर बताएं। और हाँ

हैप्पी बर्थडे ध्रुव

Friday, 8 April 2022

जितेश तलवानी की कलम से

 #Controversies_of_the_week

समय बिताने के लिए करना है कुछ काम, आओ शुरू करें गिनना, हुआ इस हफ्ते जो कॉमिक्स की दुनिया में भसड़े-आम!


आधा हफ्ता लगभग गुजर चुका था और ऐसा कुछ हो ही नहीं रहा था जिसको बवाल का नाम दिया जा सके....अब मैं कोई भारतीय मीडिया भी नहीं जो बिना बात का बवाल पैदा करवा सकूँ! मैं सोच सोच कर हलकान हो रहा था कि इस हफ्ते लिखूंगा क्या इस पोस्ट पर? 

लेकिन फिर आया भगवान की दुनिया में शैतान का आदमी और फिर जो हुआ, आइए देखते हैं:


1. घोषणा करे एक तो रीप्रिंट दूसरा करता है.. भाई भाई में अक्सर ये होता है! जी हाँ, इस बार ये कांड किया गया RCSG द्वारा जब उन्होंने RCMCG द्वारा पहले से ही अनाउंस की हुई डोगा की "हे राम" सीरीज सीधे ऑर्डर करने के लिए जारी कर दी एकदम चुपके से.. बिल्कुल नो घोषणा, नो प्री-ऑर्डर, खरीदो ऑन दि स्पॉट वाला मामला! 

इस "तेजी" को देखते हुए कई तरसते ग्राहकों ने नाम ना लेने की शर्त पर ये तक कह दिया कि इस लिहाज से तो RCMCG को नागपर्व और प्रलय का देवता भी लाने की घोषणा कर ही देनी चाहिए!


2. RCMG ने इस हफ्ते फिर से काठ की हांडी चढ़ाने की कोशिश की और अपने बचे हुए फाइटर टोड्स के कॉमिक्स गत्ता लगाकर बेचने के लिए CE की घोषणा की, लेकिन दाम देखते ही कॉमिक्स जनता की रीढ़ की हड्डी कंपकंपा गयी(spine chilling) ...हालांकि जो उद्घोषणा का पोस्टर जारी हुआ, उसमें Jumbooo surprise भी लिखा हुआ था, जिसके चलते कुछ भोले-भाले मगर गजब के जनूनी पंखों को लगा कि इस CE में जम्बू और फाइटर टोड्स का क्रॉसओवर भी होगा, लेकिन जल्दी ही ये साफ हो गया कि ये निरी कपोल कल्पना है, जस्ट लाइक ऑल कॉमिक्स!


3. अमरीकी प्रिंटर के आ जाने से जनूनी समाज में एक नया जोश आ चुका था.. सूत्रों की मानें तो कई लोगों ने अमरीकी प्रिंटर की फोटू प्रिंट करवाकर अपने बटुऐ में अपने बसपन के प्यार की फोटू के साथ रख ली है कि जैसे उसपर किया हुआ भरोसा काम आया, वैसे ही बसपन का प्यार भी वापसी आएगा ..रही सही कसर RCMCG की धड़ाधड़ आती अपडेट्स ने पूरी कर दी थी! माहौल ऐसा गर्म हो गया था कि लोगों को लगने लगा अमरीकी प्रिंटर एक दिन उनके लिए नोट भी प्रिंट करेगा और इस चक्कर में दूसरे खेमों में डर का माहौल है.. लेकिन पिछले एक हफ्ते से काफी ठंडा है मामला.. अटकलों का बाजार गर्म है.. कौनसी आएगी अगली कॉमिक्स? घोषणा क्यूँ नहीं हो रही? कहीं अमरीकी प्रिंटर भारत आकर आलसी और कामचोर तो नहीं हो गया? सवाल कई हैं, जवाब एक भी नहीं... देखते हैं कि आने वाला हफ्ता क्या नया गुल खिलाता है!


4. सस्ती कॉमिक्स अभियान को इस हफ्ते एक ex-बड़े कॉमिक्स सेलर के FB ग्रुप का समर्थन मिला.. जी हां, मैं बात कर रहा हूं उस कॉमिक्स सेलर के FB ग्रुप की, जिसके पास कोई कॉमिक्स बेचने को है ही नहीं! पढ़ने में बड़ा विरोधाभासी लग रहा होगा लेकिन जानने वाले जानते हैं कि यहां हैलो किताब खान की बात हो रही है! हालांकि जब वहाँ के मेंबरान से पूछा गया कि जब तुमने और कहीं से किताब खरीदनी ही नहीं है तो सस्ती आए या महँगी, तुमको क्या ही लेना देना तो कइयों ने दबी आवाज में बोला कि भैया इनकी हाँ में हाँ नहीं मिलाएंगे तो कहीं हमारे वॉलेट का पैसा ना जब्त हो जाए.. ये बोलकर वो लोग हैलो किताब खान से खरीदना है मेरा जनून का नारा लगाकर आगे चले गए!


5. जैसे फिल्मी दुनिया में एक मुकाम हासिल कर लेने का पैमाना है कि कलाकार को कॉफी विद करन में जाने का मौका मिल जाए उसी तरह कॉमिक्स जगत में एक मुकाम हासिल करने का पैमाना है जब भारतीय कॉमिक्स जगत का सबसे चर्चित जू-ट्यूबर किसी पर वीडियो बनाये! इस हफ्ते ये सौभाग्य प्राप्त हुआ मैं हूँ डोगा गाने के वीडियो को( यू मेड इट Rajat Mishra).. जब से वो वीडियो आया है तब से रजत मिश्रा 4 चाचा ढूंढ रहे हैं जो उनको सारी युद्धकला सिखाएँ जिसके बाद वो जू-ट्यूबर को मार सकें! वैसे तो जिसने भी उस जू-ट्यूबर का कोई भी वीडियो देखा है, उसको पता है कि वो कुछ भी बोल सकता है और आप उसके लॉजिक से बहस नहीं कर सकते क्यूंकि लॉजिक होता ही नहीं है, लेकिन इस बार उसने एक ऐसा ब्रह्मज्ञान दिया है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नज़ीर बनेगा क्यूंकि बकौल जू-ट्यूबर वीडियो पहले बनाना फिर डालना बेवकूफी है और लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए! मुझे नहीं लगता कि मैं जिंदगी में ये मुकाम कभी हासिल कर पाउंगा जहां मैं कुछ लिखने से पहले पोस्ट कर पाऊँ.. 

और वीडियो के अंत में उसने गाने की चंद लाइन "गाकर" भी सुनाई हैं हालांकि मेंढक के गले में कांच का टुकड़ा फंस जाए और जो आवाज निकले, उसे गाना गाना कहा जाएगा, इस बात को मानने के लिए कोई राजी नहीं हो रहा, लेकिन जब जू-ट्यूबर "गाता" है: गन्दगी में हूं पला मैं, गन्दगी से मैं नहीं डरता... तो लगा ये पंक्तियाँ किसी और के लिए हो ही नहीं सकती थीं! खैर, अब देखने वाली बात ये है कि अब जू-ट्यूबर की कृपादृष्टि किस पर पड़ेगी!


6. इस हफ्ते "बड़े वाले" कॉमिक्स ग्रुप पर एक कॉमिक्स की घटिया प्रिंटिंग क्वालिटी की निंदा करती हुई एक पोस्ट आयी, जो वैसे तो कोई बड़ी बात नहीं थी और ऐसी पोस्ट ना आए तो वहां कई लोगों का हाजमा खराब हो जाए लेकिन इस हफ्ते इतिहास कुछ ऐसे दोहराया गया कि इतिहास ही बदल दिया गया! एक मुगल आक्रान्ता ने उस पोस्ट पर वस्तुपरकता का ऐसा धावा बोला कि पहले तो वो पोस्ट डिलीट की गयी क्यूंकि वो पोस्ट एक ऐसी कॉमिक्स के संदर्भ में की गयी थी जो अभी रिलीज ही नहीं हुई थी.. हालांकि अपुष्ट सूत्रों से ये भी पता चला है कि पोस्ट करने वाले एड्मिन के पास पहले से ही फ्री कॉपी पहुँच जाती है जिसका वो बाद में "वो कहते हैं" लिखकर रिव्यू कर देते हैं लेकिन इस बार टाइमिंग थोड़ी गड़बड़ा गयी। मामला थोड़ा शांत होता उससे पहले ही एक और ऐसी पोस्ट हुई लेकिन वो मुगल आक्रान्ता तो जैसे घात लगाकर आघात करने के लिए तैयार बैठा था और उसने फटाफट उस ग्रुप के बाबा आदम के जमाने के Rull का हवाला देकर ही उस पोस्ट का भी भाजी पाला कर डाला! फिर उस ग्रुप के एक परम विशारद सर्वज्ञानी विद्वान ने ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होने से रोकने के लिए ग्रुप के rull कुछ इस तरह जल्दबाजी में बदल डाले जैसे क्रिकेट में बॉल विकेटकीपर और दूसरी स्लिप के बीच में से निकल जाने के बाद फटाफट फर्स्ट स्लिप लगा ली जाती है! लेकिन इतने से भी मुग़ल आक्रान्ता के कलेजे को ठंडक नहीं पड़ी और उसने उस Rull चेंज वाली पोस्ट का भी तिया-पांचा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और ये कहना अतिश्योक्ति ना होगी कि इस पूरे प्रकरण में "बड़े वाले" ग्रुप को चलाने वाले कुछ लोग वाकई में "बड़े वाले" सिद्ध हुए!


7. मुगल आक्रान्ता के आक्रमण का प्रभाव कुछ ऐसा हुआ कि काफी अर्से के बाद, जो लोग काफी समय से कॉमिक्स के कागजों पर रखकर दाल-मोठ खाते दिखते रहे हैं, वो तक इस हफ्ते "मैं भी पाठक" की तख्ती लगाए देखे गए.. देखते हैं ये नया रूप कब तक दिखेगा!


8. भारत एक चूनामयी सॉरी चुनावमयी देश है और इसी तरह यहां का कॉमिक्स जगत भी चुनावमयी है..  कॉमिक्स जनता को मज़ा आता है चुनाव में और इस हफ्ते उसको चुनने का मौका मिला अपनी पहचान कि वो आखिर किस धड़े के हैं! चूंकि पोल "बड़े वाले" कॉमिक्स ग्रुप में हो रहा था इसलिए वहाँ के एड्मिनाती को लगा कि आज वो दिखा देंगे कि आखिर क्यूँ हैं वो सबसे बड़े वाले जब कॉमिक्स जनता के बाशिंदे निर्विवाद रूप से अपनी पहचान उनसे बताएंगे और उनको ही जितवाएंगे.. लेकिन जैसे जैसे वोटिंग होती गयी वैसे वैसे दिल के अरमां आंसुओं में बहने लगे.. पोल में कॉमिक्स जनता ने बिल्कुल एकतरफ़ा फैसला सुनाया कि उनकी पहचान किसी कॉमिक्स ग्रुप की मोहताज नहीं है और कॉमिक्स ग्रुप उनसे है ना कि वो कॉमिक्स ग्रुप से.. कुछ कुछ मैं हूँ तो तू है वाला मामला! ये नतीजे आते ही एक विद्वान आगबबूला हो उठा और अपुष्ट सूत्रों के अनुसार कॉमिक्स जनता को गद्दार और खाते इधर का, गाते खुद का जैसे अलंकरणों से नवाजते सुना गया! हद तो तब हुई जब बाकायदा पोस्ट करके मेंबरान पर गाज गिराने जैसी बातें कही गयीं.. खैर, उस पोस्ट पर काफी "हाहा" रिएक्ट आए तो मतलब ये तो पक्का है कॉमिक्स जनता ने बात सुनी तो है, लेकिन क्या उस दर्दीली भावना को समझा, जिसके तहत वो पोस्ट की गयी? मुझे तो ऐसा नहीं लगा, बाकी ज्ञानी जन कमेन्ट सेक्शन में बताएं। 


सदस्यगण कृपया बताएं कि वो इन मुद्दों के बारे में क्या सोचते हैं और अगर कोई मुद्दा रह गया हो तो उसकी जानकारी भी दें...

मिलते हैं अगले हफ्ते कुछ नई मौजों के साथ!

Tuesday, 29 March 2022

जितेश तलवानी की कलम से

 #Controversies_of_the_week


समय बिताने के लिए करना है कुछ काम, आओ शुरू करें गिनना, हुआ जो कॉमिक्स की दुनिया में भसड़े-आम।


तो दोस्तों आइए देखें कैसा बीता ये हफ्ता कॉमिक्स जनता का:

1. RCMG द्वारा सुपर कमांडो ध्रुव की ब्रांड-न्यू 3 पार्ट 1 शॉट कॉमिक्स शक्तिरुपा रिलीज की गयी। हालांकि नयी कॉमिक्स के इस अकाल काल में ऐसी कॉमिक्स का रिलीज होना अपने आप में किसी उत्सव की तैयारी करने वाली खबर से कम नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन शक्तिरुपा की खबर आते ही विवादों में ऐसे घिरी जैसे दमपिशाचों के बीच में हैरी पॉटर... क्यूंकि पूरी होते हुए भी शक्तिरूपा अधूरी है। इसके बावजूद हर्षोल्लास से शक्तिरूपा का स्वागत हुआ और भोली जनता में उम्मीद फिर से जगी कि शायद इसी तरह बाकी की रुकी हुई सीरीज़ पूरी हो सकें हालांकि जानकारों की मानें तो अब मुद्दा और उलझेगा।


2. इस हफ्ते का दूसरा बड़ा बवाल भी शक्तिरूपा की वजह से ही हुआ। प्रचार हुआ कि शक्तिरूपा की बिक्री ने कॉमिक्स जगत में सबसे तेजी से OOS होके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और नटराज फिर चैम्पियन! कैडेट मण्डली भी ऐसे बौराई और उछलना शुरू हुई जैसे कॉमिक्स की बिक्री का कुछ हिस्सा इनको भी जा रहा हो.. लेकिन कॉमिक्स जगत में जब भी कुछ ऐसा होता है तो एक आवाज़ आती है: रुको ज़रा, सबर करो! और इस बार भी ऐसा ही हुआ क्यूंकि बार बार पूछे जाने पर भी RCMG वालों ने ये नहीं बताया कि उन्होंने असल में छापी कितनी कॉपियां थीं और इस जानकारी के अभाव में उनका ये दावा संदिग्ध हो गया! रही सही कसर तब पूरी हो गयी जब RCMG वालों ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शक्तिरूपा  की सबसे तेज गति से OOS हो जाने वाली कॉमिक्स की एंट्री नहीं भेजी। खैर, देखते हैं भविष्य में इस पर क्या नई जानकारी आती है!


3. RCMG द्वारा शक्तिरूपा रिलीज किए जाने का अगर सबसे बड़ा धक्का अगर किसी को लगा तो वो लगा RCSG को... उनको तो ऐसा लगा कि उनके साथ थारा भाई जोगिंदर वाला प्रैंक हुआ है... यो जोगिंदर, थारा भाई जोगिंदर, ऐसे यथारूप वाली कॉमिक्स निकाल देगा, किसी ने सोच्ची ना होगी... और इसी मलाल में RCSG की तरफ से खूब व्यंग्य के बाण चले और कॉमिक्स जनता, जो कि महँगी कॉमिक्स से त्रस्त है, ने इस फ्री शो के खूब मजे लिए। कई लोगों ने नाम ना बताने की शर्त पर ये तक कह दिया कि ऐसा उच्च स्तरीय मनोरंजन उन कॉमिक्स में क्यूँ नहीं देते दोनों भाई, जो लोग इतने महंगे दाम देके खरीद रहे हैं!


4. कॉमिक्स जगत में एक बहुत बड़ा मुद्दा ये रहा है कि आर्टिस्टों को उनके किए हुए काम का यथोचित क्रेडिट और सम्मान नहीं मिलता और शक्तिरूपा में भी ऐसा ही हुआ, जब कलरिस्टों के नाम की जगह राज कॉमिक्स टीम लिखा गया, जिस पर कई लोगों को आपत्ति हुई लेकिन उन लोगों को इतना समझना चाहिए कि जब RC के पुराने काम को ही अपना बता दिया गया तो कलरिस्टों के नाम ना लिखना कौन सी बड़ी बात हो गई!


5. नागायण CE के लॉन्चोत्सव से शुरू हुआ बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है और हर दिन कुछ नया निकल आ रहा है। इस बार भी RCSG वालों की तरफ से तो पहले ऐसे रुझान दिए गए कि यूनीक नंबर  सिर्फ पहले 200 CE तक दिया जाएगा और जब इस बात पर लानत मलानत हुई ये कहकर कि कोई सेन्स है इस बात की?.. तब खंडन किया गया लेकिन जिन बवालियों ने ना पहले लेनी थी, ना अब.. उनको इस स्पष्टीकरण से भला क्या लेना-देना!


6. नागपर्व का एनीमेटेड ट्रेलर बहुत ही लम्बे इंतजार के बाद RCSG द्वारा रिलीज किया गया। हालांकि आम कोमिक्स जनता को काफी पसन्द आयाऔर लगभग सबने अपने चहेते सुपरहीरोज के नए नवेले लुक को सराहा लेकिन एक सुपरहीरो के तथाकथित पंखे एकदम कबीर सिंह मूड बनाकर बोले: किसने ध्रुव के लुक को चेंज किया मदरबोर्ड हालांकि ऐसा करते हुए वो शादी-पार्टी में मुँह फुलाए घूमते मौसा-फूफा ज़्यादा लगे... चीखते ही रहे वो मासूम! 


7. और आखिर में, इस हफ्ते दो नयी कॉमिक्सों की घोषणा हुई  जो वैसे तो बहुत ही खुशी की बात है क्यूंकि उसमें से एक है सर्पसत्र सीरीज का तीसरा भाग सर्पयज्ञ.. लेकिन जैसे ही डिटेल्स आयीं, कॉमिक्स जनता का दिमाग वैसे ही घूम गया जैसे सर्पद्वंद पढ़कर किसी पाठक का घूम जाता है क्यूंकि कॉमिक्स की बढ़ी कीमतों और लम्बी खिंचती हुई सीरीज के माहौल में, जिन जनूनियों ने RCMG के नाम की जीने मरने की कसमें खा ली थीं, उसी ने नयी कॉमिक्स के पेज 48 से घटाकर 32 किए (33% गिरावट) लेकिन कीमत 200 से घटाकर केवल 180 किया(10% घटोतरी)!

जनूनियों ने सोचा था कि RCMG से करेंगे नयी सस्ती कॉमिक्स की आस, पर वहां भी उनका भाजी-पाला निकला...

जनूनियों की समझ में नहीं आ रहा कि अब वो प्रति पेज कॉस्ट कैसे निकालें... 180/32 वाले फॉर्मूले से या 20/16 वाले!

रही सही कसर कॉमिक्स इंडिया वालों ने 100/32 का नया फार्मूला देकर पूरी कर दी!

जनूनी बी लाईक: आखिर हम करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या?


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मिलते हैं अगले हफ्ते कुछ नई मौजों के साथ!

Friday, 18 March 2022

जितेश तलवानी की कलम से

 साल:2022

समय: रात के करीब 8 बज रहे हैं

स्थान: दिल्ली एयरपोर्ट

एक आदमी अपनी इंग्लैंड जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन और इमिग्रेशन आदि की औपचारिकताओं से फारिग हो चुका है और उसके पास लगभग 20-25 मिनट का समय है फ़्लाइट बोर्ड करने के लिए...

वो सोचता है कि सफ़र के लिए कोई किताब ले ली जाए और वो एयरपोर्ट के बुक स्टोर में चला जाता है। वहां उसको भिन्न-2 प्रकार की किताबें दिखती हैं लेकिन उसका मन किसी भी किताब को लेने के लिए बन नहीं पा रहा। वक़्त गुज़रता जा रहा है, सफ़र लम्बा है और उसको अब एक किताब बहुत ही जल्द चुननी ही होगी, अगर पूरे रास्ते बोर नहीं होना। वो सोच ही रहा था कि अचानक उसकी नजर एक शेल्फ पर पड़ी.. पहले तो उसको अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं हुआ लेकिन जब उसने करीब जाके देखा तो उसका दिल कुलांचे मार उठा! ये... ये तो कॉमिक्स है.. अरे वाह.. वही कॉमिक्स जिसे पढ़कर उसका बचपन गुज़रा.. बचपन में जिसे खरीदे बिना वो ट्रेन में नहीं चढ़ता था और पूरे सफ़र में उस एक कॉमिक्स को ना जाने कितनी बार पढ़ता था जब तक वो सारे चित्र उसकी आँखों के जरिए दिल तक ना उतर जायें... चाचा चौधरी, नागराज, ध्रुव, बिल्लू, पिंकी, राम रहीम... इन सब की कई पढ़ी हुई कॉमिक्स की याद अब तक उसके ज़हन में थी।

उसने देखा कि उस कॉमिक्स का नाम था शक्तिरुपा, सुपर कमांडो ध्रुव की थी वो कॉमिक्स... उस आदमी ने कुछ पन्ने पलटे और ऐसा लगा कि जैसे गुज़रा वक़्त वापिस आ गया है क्यूंकि स्कूल के बाद कॉमिक्स से उसका नाता टूट गया था और उसको तो यही लगता था कि शायद अब कॉमिक्स आना ही बंद हो गयी क्यूंकि अब वो दिखती नहीं थी उसको कहीं... लेकिन आज ये कॉमिक्स हाथ में लेकर उसकी खुशी का ठिकाना ना था। उसने इस नयी कॉमिक्स को ही खरीदने का निश्चय किया, पेज भी अच्छे खासे थे तो उसका सफ़र आराम से कट जाता। कॉमिक्स लेकर जब वो बिलिंग काउन्टर पर पहुंचा तो कॉमिक्स की कीमत सुनकर ही उसको एक जोर का झटका लगा... 1100 रुपयों की कॉमिक्स? इतनी महँगी? उसको तो कोहराम कॉमिक्स की कीमत याद थी 40 रुपये, जिनको इकट्ठा करने के लिए उसने एक हफ्ता स्कूल में कुछ नहीं खाया था और अपना पेट काटकर उन बचाए हुए पैसों से वो कॉमिक्स खरीदी थी और जब घर पर पता चला कि 40 रुपये की कॉमिक्स खरीदी है तो खूब डांट भी पड़ी थी.. ये शक्तिरूपा कॉमिक्स उससे दुगनी मोटी लग रही थी, लेकिन कीमत में कई गुना ज़्यादा थी!

खैर, अब ज़िन्दगी में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया था कि कुछ खरीदते हुए कम से कम रुपये-पैसे की तो दिक्कत नहीं थी, इसलिए उस आदमी ने शक्तिरूपा खरीद ली और अपने बैग में डाल ली और फ्लाइट बोर्ड करने चल दिया।

बोर्डिंग समयानुसार हुई और उड़ान भी समय पर थी... फ्लाइट टेक ऑफ हुई और विमान हवा में उड़ चला हीथ्रो एयरपोर्ट की तरफ...

आदमी ने कमर की पेटी खोली और बड़े ही इत्मिनान से अपने बैग से कॉमिक्स निकालकर पढ़ना शुरू कर दिया। उसको बहुत मज़ा आ रहा था, हालांकि उसको ये भी लग रहा था कि कई चीजें हैं कहानी में, जो उन कॉमिक्सों से सम्बन्धित हैं, जो उसको पता भी नहीं थी कि आयी हैं... फ्लाइट और कहानी काफी तेजी से बढ़ रहे थे हालांकि उस आदमी को हिन्दी पढ़ने में थोड़ी असुविधा हो रही थी क्यूंकि कई सालों से उसने हिन्दी में कुछ भी नहीं पढ़ा था लेकिन वो एक चीज़ समझ पा रहा था कि इस कॉमिक्स की हिन्दी का स्तर उतना उच्च नहीं था जितना उसके बचपन में पढ़ी हुई कॉमिक्स में होता था।

खैर, उसने देखा कि कहानी पार्ट्स में है और वो एक पार्ट खत्म करके दूसरा पार्ट पढ़ रहा था... अब जैसे ही उसने दूसरा पार्ट खत्म करके तीसरा पार्ट शुरू करने के लिए पन्ना पलटा, उसको समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है.. किधर गए रंग? उसको लगा शायद इस पेज में कोई तकनीकी दिक्कत हुई होगी तो रंग नहीं भरा गया होगा, इसलिए उसने आगे के पन्ने पलटे.. लेकिन वो आगे के पन्ने भी बेरंग निकले... वो आदमी एकदम हैरान परेशान हक्का-बक्का सा रह गया... उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि कहानी के तीसरे हिस्से में रंग क्यूँ नहीं हैं? कहीं उसके हिस्से में डिफेक्टिव कॉमिक्स तो नहीं आ गयी? ऐसा कैसे हो सकता है..? अचानक उसके दिमाग में ख्याल आया, कहीं ये तीसरा पार्ट 3-D कॉमिक्स तो नहीं है, जिसको 3-D चश्मा लगाकर पढ़ना पड़ता हो, जैसे उसने बचपन में जंगल की रानी नाम की कॉमिक्स पढ़ी थी?शायद तभी कॉमिक्स इतनी महँगी थी, लेकिन फिर बुक स्टोर वाले ने उसको वो 3-D चश्मा दिया क्यूँ नहीं? उसने कॉमिक्स के कवर को ध्यान से देखा कि शायद कहीं 3-D चश्मे के बारे में लिखा हो लेकिन ऐसा भी नहीं था!

सवाल कई थे, लेकिन जवाब एक भी नहीं.. और फ्लाइट में उसके पास इसके बारे में पता लगाने का कोई साधन भी नहीं था....

लन्दन करीब आ रहा था, लेकिन कॉमिक्स की कहानी अब कहीं पीछे छूट चुकी थी और अब दिमाग में थे तो बस सवाल.....

#ShaktiRoopa

#KuchBhi

Tuesday, 15 February 2022

सुपर कमाण्डो ध्रुव (लोकप्रिय भारतीय राज कॉमिक्स के चरित्र )

सुपर कमांडो ध्रुव ( Super Commando Dhruva) एक काल्पनिक पात्र, एवं एक भारतीय काॅमिक्स सुपरहीरो है, जिसकी काॅमिकों का प्रकाशन राज काॅमिक्स द्वारा किया जाता है। इस पात्र, की रचना विख्यात लेखक एवं चित्रकारी अनुपम सिन्हा द्वारा किया गया था, उन्होंने उसकी पहली काॅमिक्स GENL #74 "प्रतिशोध की ज्वाला" से आगमन दिलाया जिसे अप्रैल १९८७ में प्रकाशित किया गया और उसके बाद से, उसे नियमित तौर पल अन्य कई किस्तों के साथ राज काॅमिक्स द्वारा प्रकाशित करती रही। सुपर कमांडो ध्रुव, जिसका पूरा नाम ध्रुव मेहरा है, इसके अतिरिक्त संदर्भ में उसकी कमाण्डो फाॅर्स के कैडेट उन्हें कैप्टन ध्रुव के नाम से संबोधित करती है। सुपर कमांडो ध्रुव का कार्यस्थल भारत स्थित काल्पनिक शहर राजनगर में बताया जाता। वहीं वह एक काल्पनिक सरकारी-मान्यता प्राप्त कमाण्डो फाॅर्स नामक अपराध उन्मूलन संगठन की स्थापना करता है। ध्रुव के चरित्र को इस प्रकार विशिष्ट एवं प्रतिष्ठित बनाया गया है; पीली व नीली वर्दी, काले-भूरे जुते और एक युटिलिटी पेटी जिसपर सितारे के आकार का बकल है। यही सितारा उसके चरित्र की विशेष ट्रेडमार्क बनती है। ध्रुव की सबसे असामान्य बात यह है कि अधिकांश सुपरहीरो की तरह, उसकी कोई अप्रत्यक्ष व्यक्तित्व नहीं है और ना ही अपनी पहचान छुपाने के लिए नकाब की जरूरत महसूस करता है। सबसे अलग व विशेष कि उसमें किसी तरह की अमानवीय शक्तियों के ना है; मगर अपनी तेज बुद्धि, सूक्ष्म प्रेक्षण कुशलता, हरेक प्राजातियों के पशु-पक्षियों से बात करने की कला, वैज्ञानिक तार्किकता, युद्ध कला व नटबाजी में माहिर, अपनी बेमिसाल इच्छाशक्ति और धरती से पापियों को हटाने का दृढ़ संकल्प ही उसे किसी उसे किसी भी सामान्य सुपरहीरो या मनुष्यों से अद्वितीय बनाता है।
ध्रुव ने अपनी प्रथम परिचय के बाद ही लोकप्रिय पात्रों में पहचान पाई। वह राज काॅमिक्स के बेहद सफलतम पात्रों में भी एक शुमार हैं। इतने वर्ष बीतने पर भी, ध्रुव ने भारतीय काॅमिक्स जगत के सुपरहीरो की पीढ़ी में विशिष्ट स्थान बनाया है। 
  • योग्यता
    • बुद्धि-स्तर पर बेहद प्रतिभाशाली
    • विभिन्न पक्षियों एवं पशुओं से बात करने की विशेष योग्यता
    • जल अंदर साँस लेने की अद्भुत कुशलता
    • कुशल रणनीतिक, युद्धनीतिक, मुश्किल परिस्थितियों में भी बच निकलने की कला में निपुण, बेहतरीन गुप्तचर तथा वैज्ञानिक तर्क जानकारियों साथ भौतिक नियमों की में जानकार * कुशल करतब बाइकर


  • दक्ष कलाबाज, विपरीत परिस्थितियों में भी सजग और चपल

    • युद्ध कला में निपुण और दो-दो हाथ लड़ने में माहिर
    • माहिर निशानेबाज
    • स्वांग रचने में माहिर
    • तेज छठी इंद्रियाँ
    • मजबूत सहनशक्ति व इच्छाशक्ति: २० मिनट तक श्वास रोकने की क्षमता।

परिवार, मित्र

परिवार - राजन मेहरा (पिता), राधा (मा) और शवेता (बहन) {ध्रुव का पालक परिवार}
  • कमांडो फोर्स - ध्रुव द्वारा गठित एक विशेष बल जो शहर में कानून व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। कमांडो पीटर, करीम एवं रेणु ध्रुव के उच्च सहायक अफसर हैं।
  • चण्डिका - वास्तव मे ध्रुव की बहन श्वेता है।
  • कमांडर नताशा - ध्रुव की प्रेमिका एवं उसके कट्टर शत्रु ग्रैंड मास्टर रोबो की बेटी, तथा रोबो आर्मी की कमांडर इन चीफ। जिसका पहला आगमन "ग्रैंड मास्टर रोबो" से बतौर पत्रकार के रूप में हुआ जो खुफिया तौर पर रोबो का काम करती है। मगर चंडिका द्वारा एक प्राणघातक दुर्घटना से बचाए जाने पर उसका हृदय परिवर्तन होता है और अपराध का जीवन छोड़, पत्रकार के रूप में नया जीवन आरंभ करती है। मगर परिस्थितियां पलट जाती है और दुबारा उसे कमांडर नताशा बनने को विवश होना पड़ता है।
  • नागराज - नागराज भी एक सुपरहीरो है और ध्रुव का खास मित्र है जिसके पास अनेक नाग शक्तियां हैं जिनसे मानवता की रक्षा करता है। नागरस्सी, इक्क्षाधारी, विषफुन्कार, सम्मोहन शक्ति आदि नागराज की मुख्य शक्तियां हैं।
  • धनंजय - संकटग्रस्त देवजाति, स्वर्णमानवों का अग्रिम योद्धा नायक और ध्रुव का बेहद मददगार मित्र। जिसका पहला आगमन "ग्रैंड मास्टर रोबो" काॅमिक्स से हुआ, जब संयोगवश रोबो गहरे समुद्र में नाभिकीय विस्फोट कर उसे खोज निकालता है। देवजाति के पास अकूत सोने से बनी इमारत और अनूठी देव विज्ञान है।
  • ज़िगालू - एक मिथकीय यति, जिसे भगवान हनुमान के अंतिम वंशजो के तौर पर जाना जाता है।
  • सामरी - ज्वालालोक का योद्धा
  • वनपुत्र - ध्रुव का खास मित्र जिसके वनस्पतियों को नियंत्रित करने और संपर्क करने की अद्भुत शक्ति है।
  • बर्फ मानव
  • ब्लैक कैट - एक कलाबाज चोर और ध्रुव की मित्र। जिसका वास्तविक नाम "रिचा" है, श्वेता और नताशा को गोपनीय पहचान
का पता है, मगर ध्रुव को नहीं।
  • किरीगी - एक प्राचीन अमर निंजा योद्धा और सिद्ध योगी।
  • लोरी - तंत्र विशेषज्ञ*किशोर पांडे - काले जादू "वू-डू" में सिद्धस्थ एक छात्र।
  • काॅमेट - ध्रुव का क्लोन जिसे रोबो ने षड्यंत्र के तहत रचा।
  • ध्रुविषय -
  • ऋषि - ध्रुव एवं रिचा द्वारा टेस्ट-ट्यूब प्रणाली से जन्मा उनका बेटा।
  • जलज - ध्रुव तथा नताशा की प्राकृतिक संतान जिसे रोबो ने षड्यंत्र कर उसकी स्मृतियाँ मिटाकर अपना गुलाम बनवाया।

दुश्मन

  • ग्रैंडमास्टर रोबो
  • चंडकाल
  • महामानव
  • बौना वामन
  • ध्वनिराज
  • डॉक्टर वायरस
  • नास्त्रेदमस 
  • चुंबा
  • सुप्रीमा
  • सुपर नोवा
  • जिग्सा
  • क्विज मास्टर
  • स्कीमर
  • नक्षत्र

Sunday, 5 September 2021

सुपरहीरो अपनी इच्छा या खुशी से नहीं बना है।

 "क्या कभी कोई अपनी खुशी से सुपरहीरो बना है?"


मैं कुछ दिनों से एक नया सुपरहीरो चरित्र लिखने की कोशिश कर रहा था तो मैंने सभी सुपरहीरो में एक समानता पाई कि सभी किसी न किसी रूप में हालात के मारे हैं और कोई भी 

1- कभी किसी को बड़े अपराध के हथियार के तौर पर शक्तिशाली बनाकर फिर उसका हृदयपरिवर्तन कराया जाता है।


2- कभी किसी के माता-पिता को मरवा दिया जाता है।


3- कभी कोई पूरी दुनिया से अपनी ज़िंदगी की सारी बुराइयों के बदला लेने लगता है।


4- कभी किसी को अचानक दैवीय शक्ति या वरदान मिल जाता है।


5- कभी किसी देवता को इंसानों में रहने का श्राप मिल जाता है।


6- कभी किसी को अचानक पता चलता है कि वो किसी देवता का अवतार है।


7- कभी किसी को उसकी आत्मा जीने नहीं देती और ज़बरदस्ती पुनर्जन्म की शक्तियां धारण करवा देती है।


8- कभी किसी एलियन को किसी दूसरे ग्रह भेज दिया जाता है, जहाँ वो अपने आप बाकी लोगों से ज़्यादा शक्तिशाली है।


9- कभी किसी की याददाश्त चली जाती है और स्वयं को जानने के लिए वो अपनी याददाश्त छोड़कर दुनियाभर का ज्ञान और शक्तियों का मालिक हो जाता है।


10- कभी किसी के पिता/ दादा/ गुरु ज़बरदस्ती उसे महाशक्तिशाली बनाकर ही मानते हैं। एक बार बच्चे से भी पूछ लो।


11- कभी किसी और के वैज्ञानिक प्रयोग का पूरा विषय अनजाने में एक अनजान इंसान बन जाता है।


12- कभी सबसे बेहतर मनुष्य बनाने के वैज्ञानिक क्रिया के अंत में कुछ और ही ग़लत हादसा बन जाता है।


13- कभी कोई सुदूर जगह फंस जाता है और ज़िंदा रहने की कोशिश में शक्तियां अर्जित कर लेता है।


14- कभी किसी को अचानक किसी बड़े उद्देश्य के लिए चुन लिया जाता है।


15- कभी किसी के मस्तिष्क में ज़बरदस्ती सारी शक्तियां डाऊनलोड करवा दी जाती हैं।


16- कभी एक जादुगर अपना सारा जादू यूँही किसी को भी अक्कड़-बक्कड़ आबराकाडाबरा करके चला जाता है।


17- कभी कोई बीमारी ठीक करने के लिए पूरी दुनिया घूमता है और बीमारी को छोड़कर बाकी सब ठीक करने लगता है।


18- कभी कोई बचपन से विलक्षण प्रतिभाशाली को दुनिया वाले आराम से जीने नहीं देते तो वो छद्म रूप बनाकर जीने लगता है।


19- कभी किसी के साथ स्वयं कुदरत उसके सर पर ओलों की तरह शक्तियां पटक देती है।


20- कभी किसी को यौगिक या यज्ञीय विधि से निर्मित कर दिया जाता है।


पर सवाल अभी भी वही है कि क्या कोई साधारण इंसान

- अपनी इच्छा से,

- अपनी मेहनत से,

- अपने ज्ञानार्जन से,

और सबसे महत्वपूर्ण,

- अपनी खुशी से (और बिना किसी त्रासदी के कारण)

सुपरहीरो या महानायक बना है या बन सकता है?

Thursday, 19 August 2021

सोमिल आर्य की कलम से -4

 : सुपरमैन वर्सेज ध्रुव :-


एक मोस्ट वांटेड अपराधी की तलाश में सुपरमैन राजनगर में आता है और उसके आते ही राजनगर के पक्षियों से ध्रुव को सूचना मिल जाती है कि कोई पराशक्ति वाला परग्रही यहां आया है।

फिर वो सुपरमैन से मिलने निकल पड़ता है और आखिरकार उसे ढूंढ़ ही लेता है।

ध्रुव : कौन हो तुम ?

सुपरमैन : मै सुपरमैन हूं यहां एक मोस्ट वांटेड अपराधी की तलाश में आया हूं और उसे मारे बिना नहीं जाऊंगा।

वैसे तुम कौन हो ?




ध्रुव : मै सुपर कमांडो ध्रुव हूं,  यह क्षेत्र मेरे संरक्षण में है और मेरे रहते यहां कोई किसी का बाल भी बांका नहीं कर सकता चाहे वो बाल किसी अपराधी का ही क्यों ना हो।

इसी प्रकार उन दोनों में बहस बढ़ते - बढ़ते विवाद बन जाता है और ये विवाद एक महायुद्ध का रूप ले लेता है।

सर्वप्रथम सुपरमैन ने ध्रुव को अपनी हीट विजन से निशाना बनाया।

ध्रुव उछल कूद कर बच जाता है सुपरमैन के हीट विजन का कोई भी वार ध्रुव को छू तक नहीं पाता है।

तत्पश्चात ध्रुव अपनी स्टार ब्लेड से सुपरमैन के ऊपर ताबड़तोड़ हमला करता है और सुपरमैन का शरीर घायल हो जाता है मगर फिर सुपरमैन भी ध्रुव को एक मुक्का मारता है जिससे ध्रुव बहुत दूर जाकर गिरता है।

फिर सुपरमैन ध्रुव के पास उड़ता हुआ आता है और उसे मारने की कोशिश करता है मगर ध्रुव उसके वार को बचा लेता है और पकड़ के सुपरमैन को एक किक मारता है जिससे सुपरमैन जमीन के नीचे आ जाता है।

फिर उसके बाद ध्रुव सुपरमैन को स्टार लाइन से बांध कर एक मुक्का मारता है तो सुपरमैन से मुंह से खून  की बौछार निकालने लगती है।

मगर जल्दी ही सुपरमैन स्टार लाइन तोड़ के आजाद हो जाता है और ध्रुव को हीट विजन का निशाना बना देता है। हीट विजन ध्रुव के बाएं कंधे से छू के निकल जाती है।

तब ध्रुव समझ जाता है कि इसे रोकना ज़रूरी है वरना ये कोई बड़ी तबाही फैला सकता है।

ध्रुव ने तुरंत ही पास में पड़ा एक लोहे का रॉड उठाके सुपरमैन के सिर में मारता है।

लोहे की रॉड पड़ते ही सुपरमैन तड़पने लगता है

और सुपरमैन का सिर फट जाता है खून निकल आता है।

फिर भी सुपरमैन ध्रुव से लड़ता रहता है।

ना जाने कितने घंटो तक दोनों यूं ही एक दूसरे से द्वंद्व करते रहे मगर ध्रुव भी हार मानने वालों में से नहीं था और फिर आखिरकार ध्रुव की मजबूत बाहों से सुपरमैन की गर्दन जा फंसी।

सुपरमैन ने बहुत कोशिश करी छुड़ाने की मगर असफल रहा। 

फिर भी ध्रुव समझ चुका था कि सुपरमैन ऐसे नहीं हार मानने वालो में से नहीं है।

और मन ही मन में ध्रुव ये भी सोच रहा था कि " ऐसे तो ये द्वंद्व अनिश्चितकाल तक चलता ही रहेगा, कुछ तो करना ही पड़ेगा जिससे मै इस सुपरमैन को हरा सकू।

ओह एक आइडिया आ तो रहा है शायद काम कर जाए "

तब उसने कमांडो फोर्स से सुपरमैन के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि सुपरमैन को सिर्फ क्रिप्टो नाइट से ही मारा जा सकता है जो सिर्फ सुपरमैन के दुश्मन बैटमैन के पास है।

तब ध्रुव बैटमैन से मानसिक संपर्क स्थापित करके उसे अपने स्टार कॉप्टर द्वारा यहां बुलवा लेता है और इस बीच ध्रुव ने पूरे 3 घंटे तक सुपरमैन की गर्दन को अपने मजबूत हाथो से जकड़ रखा था....और जब बैटमैन आ जाता है तो उससे क्रिप्तो नाइट ले के सुपरमैन को मार देता है।

         :- समाप्त -:

सोमिल आर्य की कलम से -3

 सबम नायक :-

एक युग...................ध्रुव का युद्ध।


सबम नायक प्रतियोगिता के अन्तर्गत ध्रुव को थानोस के पास और जोजो को अपोकलिप्स ग्रह के शासक ' DARKSEID ' के पास भेजा जाता है उनसे लडने के लिए।

नियम ये था कि जो सबसे पहले विजयी होकर लौटेगा वोह इस स्पर्धा का विजेता होगा।

सर्वप्रथम, जोजो जब अपोकालिप्स के शासक DARKSEID से लडने जाता है तो DARKSEID की टेढ़ी - मेढ़ी हीट विजन जोजो को अपना निशाना बनाती है जिससे असावधान जोजो तुरंत ही बैकुंठ धाम की यात्रा पर चला जाता है।

DARKSEID भी मन ही मन कहता है कि " कैसे - कैसे मच्छर मुझे मारने पड़ रहे हैं। "

दूसरा भाग - अब जब ध्रुव thanos के सामने पहुंचता है तो Thanos पूछता है कि " तुम कौन हो प्राणी और कहां से आए हो।"

तब ध्रुव कहता है कि मै हूं सुपर कमांडो ध्रुव।

तुम्हारे जैसे परग्रही दैत्यों का काल।

अभी - अभी कुछ दिन पहले ही तेरे ही जैसे एक परग्रही की गर्दन 3 घंटे तक दबोच के रखी थी मैंने आज तेरा नंबर है।" 

इतना कहने के बाद ध्रुव Thanos के ऊपर ताबड़तोड़ स्टार ब्लेड्स से हमला कर देता है लेकिन स्टार ब्लेड्स Thanos तक पहुंच पाते इससे पहले ही Thanos तक वहां से teleport होकर ध्रुव के पीछे पहुंच जाता है और ध्रुव को एक जोरदार किक मारता है।

ध्रुव का सिर चकरा जाता है लेकिन उसकी इच्छाशक्ति ने उसे बेहोश ना होने दिया।

इस बार जब ध्रुव उठा तो Thanos को सोचने तक को मौका ना दिया और अपने कलारीपायात्तू के दांव पेंच से Thanos के कंसबल ढीले कर दिए और आखिर में ध्रुव का मुक्का खाकर Thanos तक ज़मीन चाटने लगा।

Thanos को हारता देख उसकी सारी सेना का मनोबल बुरी तरह से टूट गया और सब भाग गए।

और तब ज़मीन के नीचे पड़े हुए Thanos ने ज्यो ही उठने की कोशिश करी।

ध्रुव का भारी भरकम पैर Thanos के सिर को दबाता हुआ वापस ज़मीन से सटा देता है और लाख कोशिश करने के बावजूद ध्रुव के पैर के नीचे से अपने आपको निकाल नहीं पाता है। 

तब Thanos ने अपने आराध्य देव ' DARKSEID को याद किया और उनसे सहायता मांगी।

DARKSEID जोकि एक देवता ( अंधेरे का ) या लगभग एक भगवान् समान था अपने ग्रह अपोकलीप्स का, वोह तुरंत ही अपने बेटे Kalibak के साथ Thanos की मदद को पहुंचे।

मगर यह क्या, Thanos की इतनी बुरी दुर्दशा देखकर DARKSEID अत्यंत क्रोधित होते हुए अपने बेटे Kalibak को ध्रुव को मसलने का आदेश देते है।

शायद वे ध्रुव को एक मच्छर समझ रहे थे और अब वे मच्छर मारने के मूड में लग नहीं रहे थे।

तो उनके सूवर जैसे बेटे Kalibak ने ध्रुव के ऊपर छलांग लगा दी मगर ध्रुव कलाबाजियां खाकर बच जाता है और Kalibak की टांग को अपने हाथ से पकड़कर, अपनी पूरी इच्छाशक्ति झोंकते हुए उसने Kalibak के शरीर के दो टुकड़े कर दिए।

DARKSEID आश्चर्य के सागर में गोते लगाने लगा।

उसका मुंह बंद और गुस्से से आंखे सुर्ख लाल हो रही थी।

नथुने फूल - पिचक रहे थे।

मन में बस यही एकमात्र अरमान रह गया था कि ' अब इस इंसान रूपी मच्छर को मै ही मसलूंगा, वो भी अपने खुले हाथो से।'

मगर उसने अभी सुपर कमांडो ध्रुव के जज्बे और हिम्मत और इच्छाशक्ति को पहचाना कहां था।

जिसकी इच्छाशक्ति के आगे बड़े से बड़े खलनायकों ने भी अपने घुटने टेक दिए, उसकी इच्छाशक्ति को अभी ललकारा कहां था।

मगर DARKSEID भी अंधेरे का देवता था। इतनी जल्दी पराजित होनी वाली शक्सियत नहीं थी।

ये वोह ज़ालिम देवता है जिसने कई ग्रहों को तोड़ा , फोड़ा और उजाड़ा था सिर्फ शासन करने के लिए।

और उसके लिए ध्रुव एक मच्छर से ज्यादा कुछ भी नहीं था।

अब DARKSEID ने गुस्से से भरी उन लाल सुर्ख आंखो से टेढ़ी मेंढ़ी हीट विजन से ध्रुव के ऊपर हमला करता है।

ध्रुव की उछलकूद फिर से चालू हो जाती हैं।

बिजली की गति से ध्रुव लगातार अपने आपको उस टेढ़ी मेढी हीट विजन का निशाना बनने से बच रहा था मगर जहां जहां ध्रुव कुलाटी मारे वहां वहां वह टेढ़ी मेढी हीट विजन ध्रुव को निशाना बनाने के लिए पहुंच जाए।

और ध्रुव सोचने के लिए मजबूर हो जाता है कि " ऐसे तो ये हीट विजन देर सबेर मुझे अपना निशाना बना ही लेगी, कुछ तो करना पड़ेगा ध्रुव वरना मै, प्राण, प्रतियोगिता और अपना युग तीनों को हार जाऊंगा।

मगर इस बिफरे हुए सांड से निपटू कैसे।

अरे वाह ! एक आइडिया आ तो रहा है ट्राई करके देखता हूं। "

तब ध्रुव ने अपनी यूटिलिटी बेल्ट में रखा हुआ पोर्टेबल आइना निकाला और उसे उस हीट विजन के सामने कर दिया।

फलस्वरूप हीट विजन पलट के DARKSEID को ही लग जाती है और DARKSEID ज़मीन में गिर जाता है।

और ध्रुव DARKSEID के ऊपर स्टार ब्लेड्स से हमला करना शुरू कर देता है जिससे DARKSEID घायल होने लगता है। क्रोधवश DARKSEID ने अपनी हीट विजन से ध्रुव के दोनों ब्रेसलेट तोड़ डाले।

अब ध्रुव के पास कोई हथियार नहीं बचा था जिससे कि वो DARKSEID का मुकाबला कर सके।

तब उसने अपने शारीरिक बल और इच्छाशक्ति द्वारा ही DARKSEID को मारने की ठान ली और उछल कर DARKSEID के पीछे जाकर उसकी गर्दन को अपने मजबूत शिकंजे में फंसा लेता है और DARKSEID का गला घुटने लगता है। वोह लाख छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन ध्रुव की इच्छाशक्ति के आगे उसकी सारी कोशिशें नाकाम सिद्ध होती है और अब उसकी आंखे बाहर की ओर निकालने को तत्पर होने लगती है तभी उसने अपनी टेढ़ी मेढी हीट विजन से ध्रुव को पीछे से ही सही पर निशाना बना देता है।

ध्रुव घायल हो जाता है और DARKSEID उसकी पकड़ से आजाद हो जाता है।

अब ध्रुव को अपना और अपने युग का अंत अपने सामने नज़र आ रहा था।

तब ध्रुव ने अपना सम्पूर्ण ध्यान लगाके अपनी इच्छाशक्ति की तरंगों को मदद के लिए फैला देता है और उसकी इच्छाशक्ति की तरंगों कई यूनिवर्स पार करके एसगार्ड नामक ग्रह पर जा पहुंचती है और वहां के राजकुमार एवम् महान योद्धा Thor को ढूंढ निकालती है और उसके मोजीर ( हथोड़े ) को थोर सहित अपोकिलिप्स ग्रह पर जा फेंकती है और थोर का हथौड़ा उसके हाथो से छूटकर ध्रुव के हाथ में जा पहुंचता है।





ये ध्रुव की मजबूत इच्छाशक्ति का ही कमाल था कि वो मोजिर Thor के हाथो से छूटकर ध्रुव के हाथ में जा पहुंचता है।

मगर तब तक Thanos भी संभल चुका होता है और ध्रुव के ऊपर कूदने के लिए छलांग लगा देता है मगर कमांडो अपनी अपनी इच्छाशक्ति का अद्भुत प्रदर्शन करते है वहां से हट जाता है और एक हथौड़ा Thanos के कमर में मार देता है और Thanos की कमर टूट जाती है तब ध्रुव Thanos की छाती पे बैठ के Thanos का गला दबा के उसे मौत की नींद सुला देता है।

और अब DARKSEID को मारने के लिए हथौड़ा उठाया और दौड़ते हुए ध्रुव उसी हथोड़े से DARKSEID का सिर एक झटके में पके टमाटर की भांति फोड़ देता है और उसका भेजा बाहर निकाल देता है।

        :- समाप्त -:

सोमिल आर्य की कलम से -2

 : कप्तान कूल वर्सेज डेडपूल :-

लेखक - सोमिल आर्या

परिकल्पना - Pratham A 





आज राजनगर का वोह हिस्सा काफी शांत सा, वीराने जैसा लग रहा था।

जगह - राजनगर के डंप यार्ड के पीछे वाला गोरा कब्रिस्तान के पीछे वाली गली।

इटली और अमेरिका के ड्रग माफिया ' बास्तेटो ' और चार्ल्स ' आज उस जगह, राजनगर के ड्रग लॉर्ड ' चिन्नास्वामी ' से मीटिंग करने आए हुए थे।

इस बात से बेखबर कि कोई काला कौवा उन्हें लगातार देख रहा है।

और राजनगर में सारे पक्षी सिर्फ एक ही इंसान की जासूसी करती है। किसकी ? 

बताने की ज़रूरत नहीं।

चार्ल्स - चिन्नासामी, तुम्हे फक्का यखीन है ना कि इधर कोई धिक्कत नहीं होगी हम लोगो को मीठिंग करने में ?

चिन्नास्वामी - डोंट वरी, मिस्टर चार्ल्स, हम यहां पर है इस बात का पता तो रॉ, सी.आई.ए. भी नहीं लगा सकती और किसी की तो दूर की बात है।

बास्टेतो - हमें रॉ, सी.आई.ए. का डर नहीं, हम तो उस शैतान का अवतार से डारा हुआ है।

एक शैतान तुम्हारे देश में तो एक हमारे देश में हम लोगो की जान का धुस्मन बना हुआ है। इसीलिए वहां का रिस्क ना लेके हम लोग इधर को मीटिंग किया।

इधर वोह तुम्हारा शैतान का अवतार आ भी गया तो हम लोगो की फौज से बच के नहीं जा पाएगा। आखिर है तो इंसान ही ना।

मगर हमारे देश में जो है वो तो साक्षात् शैतान ही है। उसपे तो गोली, बम, चाकू, तमाम हथियार उसके ऊपर बेकार है।" 

काले कौवे ने, दूसरे काले कौवे को, दूसरे काले कौवे ने तीसरे काले कौवे को जानकारी दी कि कब्रिस्तान के पीछे वाली गली में कुछ अज्ञात लोग मौजूद हैं।

और कौवे के द्वारा जल्द ही यह जानकारी सुपर कमांडो ध्रुव के पास पहुंचा दी गई।

ध्रुव ने सुपर बाइक पे सवार होकर निकल पड़ा।

( कब्रिस्तान में ) ठो फिर हम लोगो की ढील फक्की ना ? 

चार्ल्स बोला।

चिन्नास्वामी - ऑफकोर्स चार्ल्स जी ऑफकोर्स, डील तो पक्की हो गई है तो आप लोग क्यों ना मेरी मेहमान नवाजी का आनंद उठाइए, मेरे अड्डे पे चलके।

वहां पर आप लोगो के जश्न का पूरा इंतजाम किया गया है और जश्न के बाद आप दोनों की थकावट उतारने वाली का भी इंतजाम किया गया है।

मगर आप लोग ज़रा ये बताइए कि आप लोग वहां इटली और अमेरिका में किसके आतंक से इतना डरे हुए है? ऐसा कौन सा माई का लाल पैदा हो गया जिससे आप लोग भी घबरा गए ?

चार्ल्स - डेड....

उसका नाम भी मत लो चार्ल्स। ( बास्टेटो ने चार्ल्स को बीच में ही टोकते हुए कहा )

उस मनहूस तलवारबाज़ ने तो हमारा जीना हराम कर रखा है। ( बास्तेतो ने दांत पीसते हुए कहा )

तभी चिन्नास्वामी ने दोनों से कहा " अब यहां समय बर्बाद करने से कोई फायदा नहीं होने वाला, अड्डे चलके थोड़ा मूड फ्रेश कर लीजिएगा।

तीनों गाड़ी में बैठने ही वाले थे कि एक जबरदस्त हवा का झोंका आया और चार्ल्स का सिर अपने धड़ से गायब हो गया था।

सभी लोगो ने अपनी बंदूके, पिस्तौल लोड करके हाथो में पकड़ ली, यहां - वहां नजर मारी पर कोई दिखाई ना पड़ा।

तभी एक सुर्ख लाल पोशाक पहने एक व्यक्ति, जिसके दोनों हाथो में कटाना (तलवार) थी। वोह ऊपर से पके आम की भांति टपका और अपनी सरसराती कटाना से 2 दर्जन गुंडों के हाथ पैर सिर 22 सेकेंड में काट कर ज़मीन में बारिश की बूंदों की तरह बिखरा दिए और अपनी गन निकाल के 8 लोगो का भेजा फाड़ देता है और कहता है कि " ये मेरा हेल्लो कहने का स्टाइल है " और उनकी पैंट उतार - उतार कर कुछ चेक करने लगा और बोला - कुछ लोगो ने मेरे घर में आकर मेरे सारे सामान का सत्यानाश कर दिया। तब मै घर पे नहीं था।

मै तब भी उन्हें छोड़ देता मगर तुम सालो ने मेरा फेवरेट चढ्ढा भी गायब कर दिया जिसे मै दिलोजान से प्यार करता था। इसीलिए अब तो मै नहीं छोडूंगा तुम लोगो को क्योंकि मुझे पता चला है कि वोह तुम ही लोगो का गैंग था जो मेरे घर में आए और मेरा चढ्ढा गायब कर दिया। ज़रा देखू तो तुममें से किसी ने मेरा चढ्ढा तो नहीं पहना है 


चिन्नास्वामी और बास्तेटों ने गाड़ी में बैठ कर उस नकाबपोश को उड़ाने की सोची मगर वोह नकाबपोश फूर्ति से उछलकर गाड़ी के ऊपर आया और अपनी दोनों कटाना चिन्नास्वामी और बास्टेतो की सिर में गाड़ी के ऊपर से ही पेवस्त कर दिया।

सभी को निपटाने के बाद वोह नकाबपोश जा ही रहा था कि स्टार लाइन ने उसके पैरो में लिपट कर उसे गिरा दिया।

नकाबपोश - किस सूवर की मौत आई है जो डेडपूल को रोक कर अपने पंचनामे के कागज पर खुद हस्ताक्षर कर रहा है ?

मुझे सुपर कमांडो ध्रुव कहते है और ये नगर मेरे संरक्षण में है और कोई भी व्यक्ति यहां कानून व्यवस्था को धता बताकर मेरे हाथो की पकड़ से नहीं बच सकता।

क्योंकि कानून के तो सिर्फ हाथ ही लंबे है मगर मेरा ये भी लंबा है।

Deadpool - क्या ?

ध्रुव - अबे, स्टार लाइन की बात कर रहा हूं।

डेडपूल - अबे, तेरी स्टार लाइन की तो ऐसी की तैसी, 

तेरे संरक्षण में चाहे ये नगर हो या हो नगर निगम।

डेडपूल को जहां भी गंदगी नजर आएगी, वहां थोक के भाव में फिनायल डाल के साफ करेगा।

ध्रुव - जो भी हो। अब तुम्हे यहां अपने आपको कानून के हवाले करना होगा। उसके बाद तुम्हारा क्या करना है वो हमारी न्याय पालिका समझ लेगी।

अब बेहतर यही है कि तुम अपनी मर्ज़ी से मेरे साथ चलोगे वरना मुझे दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे।

डेडपूल - अबे जा, मै जा रहा हूं और अगर अपने ओवर स्मार्ट से भरी हुई बुद्धि वाले सिर को अपने धड़ पे देखना नहीं चाहते हो तभी रोकियों मुझे।

इतना कहकर डेड पूल जाने लगा तो ध्रुव ने अपनी स्टार लाइन से उसे बांध दिया। डेडपूल ने भी अपनी कटाना से स्टार लाइन काट डाली और उछलकर ध्रुव के जबड़े पे लात रसीद कर दी।

अचानक पड़ी लात से ध्रुव का सिर चकरा गया।

होश संभालते हुए उठा और कलाबाज़ी खाते हुए डेड पूल को एक जोरदार किक मारी जिससे डेडपूल भी थोड़ी दूर जाकर गिरता है।

डेडपूल के गिरते ही ध्रुव उसके ऊपर स्टार ब्लेड्स की बौछार कर देता है। 

डेडपूल थोड़ा घायल हो जाता है मगर उसके घाव भी जल्द ही भर जाते है।

उधर डेडपूल ने भी अपनी गन निकाल के ध्रुव के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी।

मगर कप्तान तो आखिर कप्तान है।

कोई भी ध्रुव को छू भी ना सकी और डेडपूल की गन की मैगजीन खाली हो जाती है।

अब ध्रुव ने अपना मुक्का डेड पूल के थोबड़े पे मारा तो डेडपूल के चार दांत टूट जाते है मगर तुरंत ही उसकी जगह नए दांत भी आ जाते है।

ध्रुव भी हैरत में पड़ गया कि ये कमबख्त है क्या चीज़। क्या इसके शरीर में रेजेनरेशन की शक्ति मौजूद है या फिर ये कोई चमत्कार है। अगर ये चमत्कार है तो मुझे भी अपना चमत्कार इसे दिखाना ही पड़ेगा।

तब ध्रुव अपनी इच्छाशक्ति के द्वारा एक मोटा बरगद का पेड़ उखाड़कर डेड पूल के ऊपर दे मारता है मगर डेडपूल ऐन वक्त पर अपनी कटाना से वोह पेड़ काट डालता है और खड़ा हो जाता है।

ध्रुव - तुम्हारे लिए अच्छा यही है कि अपने आपको कानून के हवाले सौंप दो वरना तुम देख ही चुके हो कि मै अपनी इच्छाशक्ति से क्या क्या कर सकता हूं।

डेडपूल - " अबे तेरी, इच्छाशक्ति की बत्ती बनाके मै तेरे कान में डालूंगा, हट जा मेरे रास्ते से वरना जान से मार डालूंगा।"

दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे और इसीलिए उन दोनों में फिर से द्वंद्व शुरू हो जाता है।

कभी ध्रुव भारी पड़ता तो कभी डेडपूल। दोनों बहुत देर तक एक दूसरे से लड़ते रहे

और फिर ध्रुव ने अपनी इच्छाशक्ति से भरी हुई जोरदार किक डेडपूल के सीने में मार दी और डेडपूल, डेडबॉडी बन जाता है।

ध्रुव डेडबॉडी का निरीक्षण

करने उसके पास जाता है।

मगर तभी डेडपूल झटके से उछल कर ध्रुव के पीछे खड़ा हो जाता है और अपनी कटाना से ध्रुव की कमर पे वार करता है जिससे ध्रुव की यूटिलिटी बेल्ट टूट जाती हैं और ध्रुव की पैंट नीचे की ओर खिसकने लगती है।

और ध्रुव का ध्यान भटकने लगता है जिस कारण डेडपूल की कटाना का एक वार ध्रुव की बाह को छू के निकल जाता है।

तभी वहां पे रिचा उर्फ ब्लैक कैट की एंट्री होती है और वो ध्रुव से कहती है कि " तुम फिक्र मत करो ध्रुव, मै आ गई हूं, तुम्हारी मदद करने को। "

ध्रुव - कोई बात नहीं ब्लैक कैट, मै अपनी इच्छाशक्ति से अपनी पैंट संभाल लूंगा, मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत नहीं। तुम जाओ यहां से।

ब्लैक कैट - तुम लड़को की यही प्रॉब्लम है, मर जाएंगे मगर एक लड़की की सहायता नहीं लेंगे। अपना ये झूठा आत्मसम्मान अपने पास रखो और चुपचाप मेरी मदद ले लो।" 

तब ब्लैक कैट ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक टेलिस्कोपिक पूछ को बढ़ा कर ध्रुव की कमर में बांध देती है जिससे कि उसकी पैंट ना सरक जाए। मगर अगले ही पल डेडपूल अपनी कटाना से ब्लैक कैट की पूछ को काट डालता है जिससे ब्लैक कैट को गुस्सा आ जाता है और वोह अपने धारदार पंजों से डेड पूल के ऊपर हमला करती है मगर डेड पूल की किक ब्लैक कैट को पीछे की ओर धकेल देती है।

तब डेड पूल कहता है कि " क्यों री छमिया, ये नीला - पीला तेरा खसम लगता है क्या ? जो इसके लिए अपनी जान देने पे तुली है। वैसे है तो तू मेरी कटाना जितनी ही तेज तर्रार और मुझे काली बिल्लियां बहुत पसंद है  मेरे साथ डेट पे चलेगी क्या ? 

तुझे हर सुख दूंगा मै, बस एक बार तू मेरी हो जा।

ये नीला पीला तो तुझे भाव भी नहीं देता और देगा भी कैसे, इसने कभी हथियार ना उठाने की कसम जो खाई हुई है। इसीलिए ये तुझे खुश नहीं कर सकता मतलब नहीं रख सकता है।

तब डेडपूल अपना दिल निकाल कर ब्लैक कैट के सामने रख देता है और बोलता है कि ये सिर्फ तुम्हारे लिए ही धड़क रहा है ब्लैक कैट, आई एम् इन लव विथ यू ब्लैक कैट।

ये दृश्य देखकर ब्लैक कैट सकते में आ जाती है कि ये इंसान है या कोई मुर्दा, जो अपना सीना चीर दिल निकाल लेता है वोह भी अपने हाथो से। 

अभी तक ध्रुव अपनी पैंट संभालने में ही लगा हुआ था और तब डेड पूल कहता है कि " क्यों बे कप्तान, बड़ा उछल कूद मचा रिया तू, ज़रा पैंट उतार अपनी, देखू तो कहीं तू ही तो मेरा चढ्ढा पहन के उसे गंदा तो नहीं कर रहा।"

तब ब्लैक कैट ध्रुव को हौसला देते हुए कहती है कि, इसे मार डालो ध्रुव, ये इंसान नहीं है और भूलो मत तुम जुपिटर के सितारे हो।

तब डेड पूल बोलता है कि " जुपिटर का सितारा ? 

मगर जुपिटर तो मरा हुआ तारा है ना, डेड स्टार।

खैर मुझे क्या, तू कहीं का भी सितारा हो मगर अभी तो तू एक बेल्ट का मारा है ना ?

अब मुझे बस ब्लैक कैट मिल जाए तो मै टेम्स नदी में जाके डुबकी लगा आऊ।

यह सब सुनकर ध्रुव को क्रोध आ जाता है और

वोह अपनी इच्छाशक्ति से अपनी पैंट संभालते हुए डेड पूल के जबड़े पे लात जड़ दी और डेडपूल साइड में जा गिरता है।

तब डेडपूल कहता है कि " अबे बुझे हुए सितारे, क्यों अपनी मौत को दावत दे रहा है, मरना तो तुझे है ही अपनी मौत को कष्टदायक क्यों बनाना चाहता है।

अब तो तुझे बताना ही पड़ेगा कि डेडपूल क्या चीज है।" और अपनी कटाना निकाल के फुर्ती से ध्रुव का दाया हाथ उसके कंधे से जुदा कर देता है और ध्रुव के मुंह से दर्दनाक चीख निकल जाती है।

ब्लैक कैट भी उछल के आती है डेडपूल पे हमला करने के लिए मगर उसी क्षण उसके ऊपर उसकी रहस्यमई बीमारी का दौरा पड़ता है और ब्लैक कैट बेहोश हो जाती है।

तब ध्रुव उठता है और कहता है कि कोई बात नहीं, तुझे परास्त करने के लिए मेरा एक हाथ ही काफी है" और ध्रुव अपनी इच्छाशक्ति लगा के खड़ा हो जाता है और लड़ने लगता है।

तभी डेडपूल ध्रुव का बाया पैर भी धड़ से काट डालता है और ध्रुव फिर गिर जाता है। फिर ध्रुव कहता है कि मुझमें अभी भी इतनी इच्छाशक्ति है कि तुझसे लड़ सकु " और ध्रुव अपनी इच्छाशक्ति लगा के खड़ा हो जाता और बाएं हाथ से स्टार ब्लेड्स मारता है। 

सारे स्टार ब्लेड्स डेड पूल की कटाना से टकराने लगे और इधर उधर जाने लगे।

तब डेड पूल ने ध्रुव का बायां हाथ भी काट डालता है।

अब ध्रुव का साथ सिर्फ उसका दायां पैर ही दे रहा था और डेडपूल ने उसे भी काट डाला।

शरीर के दोनों हाथ पैर काटने के बाद भी उस लहूलुहान जिस्म में इच्छाशक्ति बहुत बाकी थी।

अपनी बची खुची इच्छाशक्ति लगा कर ध्रुव उछल उछल कर डेडपूल को अपने सिर से मार रहा था मगर डेडपूल की कटाना ने एक अंतिम वार किया और कप्तान का सिर धड़ से अलग कर देता है और इसी के साथ अपने कप्तान की इहलीला समाप्त हो जाती है। 

और जाते - जाते डेडपूल कहता है। " एक बात मत भूल, बेस्ट किलर इज डेडपूल।

        -: सेवा समाप्त :-